“UP Cabinet में बड़ा बवाल: कौन हटेगा, कौन बनेगा मंत्री? चर्चा गरम!”

आशीष शर्मा (ऋषि भारद्वाज)
आशीष शर्मा (ऋषि भारद्वाज)

बिहार चुनावों के नतीजे आते ही, भाजपा हाईकमान का फोकस अब पूरी तरह उत्तर प्रदेश पर शिफ्ट हो चुका है।
2027 विधानसभा चुनावों से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार में संगठनात्मक पुनर्गठन और मंत्रिमंडल विस्तार, दोनों पर एक्सप्रेस स्पीड में काम शुरू है।

UP कैबिनेट में अभी 54 मंत्री हैं, जबकि सीमा 60 है—मतलब 6 कुर्सियाँ खाली। और राजनीति में खाली कुर्सियाँ?
सीधा संकेत: कोई आने वाला है और कोई जाने वाला है।

कौन हट सकता है?—अफवाहों की धूल में संभावनाएँ चमकती हुई

सूत्रों के मुताबिक संघ की ताज़ा रिपोर्ट्स में किसी का नाम साफ नहीं आया—इसलिए किसी को टेंशन लेने की जरूरत नहीं, पर कुछ आतंरिक सर्वे हुए जिनमें कई सवाल के जवाब लिए गए हैं इनके मुताबिक-

हटाए जा सकते हैं वे मंत्री, जो—

Underperformance Mode में लंबे समय से हैं। विभागीय कामकाज संभालने में ढिलाई दिखा रहे हैं। भ्रष्टाचार की शिकायतों को कंट्रोल नहीं कर पाए। उम्र सीमा (75+) के नियम में फिट बैठते हैं।

राजनीतिक भाषा में इसे कहते हैं— “परफॉर्म करो या आराम करो।”

क्यों हटाए जा सकते हैं?—2027 की बड़ी राजनीतिक गणित

जातिगत समीकरण फिट करना

2027 के फॉर्मूले को देखते हुए BJP—

  • दलित
  • OBC
  • ब्राह्मण
  • पश्चिमी यूपी

को बैलेंस करने की तैयारी में है। सपा के PDA फॉर्मूले का काउंटर देने के लिए दलित–OBC प्रतिनिधित्व बढ़ाना तय माना जा रहा है।

संगठन की ऊर्जा बढ़ाने के लिए

कुछ मंत्रियों को वापस संगठन में भेजना, ताकि 2026–27 के चुनावों से पहले जमीन पर कैडर एक्टिव मोड में आ जाए।

राजनीतिक संदेश

पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले मैसेज देना कि— मेहनत करने वालों की अनदेखी नहीं होगी।

संभावित नए चेहरे—कौन आ सकता है कैबिनेट में?

1. भूपेंद्र सिंह चौधरी

वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष। अंदरखाने चर्चा— नए अध्यक्ष की नियुक्ति होते ही कैबिनेट में एंट्री।

2. 1 दलित + 1 OBC चेहरा

2027 के बड़े जातीय समीकरण का हिस्सा।

3. मिल्कीपुर और कुंदरकी के विधायक

दोनों के नाम लंबे समय से नयी एंट्री की सूची में टॉप पर।

4. सपा के बागी नेता

  • पूजा पाल
  • मनोज पांडेय
    (अगर पार्टी और संघ ग्रीन सिग्नल दे दे तो) राजनीति में कुछ भी “असंभव” नहीं… बस “सही टाइमिंग” चाहिए।

टाइमलाइन: बदलाव कब?

दिसंबर 2025: नए UP BJP अध्यक्ष की घोषणा (संभावित नाम: केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह)

फरवरी–मार्च 2026: मंत्रिमंडल विस्तार

2026–27: अंतिम प्री-इलेक्शन प्लेबुक तैयार

कुल मिलाकर, भाजपा संगठन बिहार की जीत के मोमेंटम को UP में ट्रांसफर करने की पूरी तैयारी में है।

UP का पॉलिटिकल सीजन शुरू—कुर्सियाँ हिलेंगी, चेहरों की एंट्री-एग्जिट होगी

अभी सब कुछ “सूत्रों” और “संभावनाओं” पर आधारित है, लेकिन UP की राजनीति में हलचल इतनी तेज हो चुकी है कि एक बड़ी reshuffle आए बिना मामला शांत नहीं होगा।

जब हाईकमान फाइनल बटन दबाएगा— कई चेहरे नए दिखेंगे और कई चेहरों की छुट्टी भी हो सकती है।

UP का 2025-26— सिर्फ शासन नहीं, राजनीतिक इंजीनियरिंग का साल बनने वाला है।

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